विश्व के जलप्रपात, world's Falls

Updated: Sep 6

संसार के सबसे बड़े प्रपातों में

अमरीका और कैनाडा के मध्य स्थित नायगरा प्रपात तथा अफ्रीका में ज़ैंबेज़ी नदी पर विक्टोरिया प्रपात की गणना की जाती है।



भारत में सबसे विख्यात प्रपात

पश्चिमी घाट में मैसूर प्रदेश का जोग प्रपात है।


इसके अतिरिक्त छोटे बड़े प्रपात देश के भिन्न भिन्न भागों में स्थित हैं, जैसे उत्तर प्रदेश में मंसूरी के समीप कैंपटी प्रपात, मिर्जापुर के समीप सिरसी प्रपात और राँची जिले का हुंडरु प्रपात है।

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जलप्रपातों के प्रकार:

  • कैटाडूपा: कैटाडूपा एक महाजलप्रपात या झरना है, (मूल रूप से नील नदी के जलप्रपात)। शब्द कैटाडूपे (catadupae) ऐसे महाजलप्रपात के निकट रहने वाले लोगों को इंगित करता है, माना जाता है कि यह लोग जलप्रपात के निरंतर शोर के कारण बहरे हो गये हैं।

  • खण्डक: पानी एक अपेक्षाकृत व्यापक धारा या नदी से नीचे गिरता है।

  • खरदुम: अवरोही पानी चट्टानी आधार साथ कुछ संपर्क रखता है।

  • खरल: जल एक संकीर्ण जलधारा के रूप में उतरता है और फिर एक व्यापक कुण्ड में फैलता है।

  • गोता: जल चट्टानी आधार की सतह से संपर्क त्याग सीधा नीचे गिरता है।

  • ढालू: पानी की एक बड़ी मात्रा एक उर्ध्वाधर और संकरे उद्गम से नीचे गिरती है।

  • पंखा: जल गिरने के साथ साथ क्षैतिज रूप से फैलता है और नीचे गिरते समय हमेशा चट्टान के संपर्क में रहता है।

पांतिक: सोपानी और विभक्त पातों का मिश्रण इस जलप्रपात में पानी अलग अलग धाराओं में चट्टान की श्रृंखला से एक क्रम में गिरता है।

  • बहु-चरणी: लगभग एक ही आकार के एक के बाद एक झरनों की एक श्रृंखला जिसमें प्रत्येक का अपना गोता-कुण्ड होता है।

  • महाजलप्रपात: महाजलप्रपात अपने नाम के अनुसार एक बडा और शक्तिशाली जलप्रपात होता है।

  • विभक्त: पानी अलग अलग झरनों के रूप में नीचे गिरता है। सोपानी: सोपानी पात या क्रमप्रपात में जल चट्टानों की एक श्रृंखला से नीचे गिरता है।

  • हिमाद्रि: हिमाद्रिपात एक ऐसा झरना है जिसके जल में बर्फ के छोटे छोटे टुकडे समाहित होते हैं।