रेडियो सक्रियता, Radioactivity Chemistry

Updated: Sep 6


प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले पदार्थों, तत्वों और उनके घटकों का कुछ निश्चित अदृश्य किरणों के द्वारा स्वयं विघटित होने की घटना को ‘रेडियोएक्टिविटी’ कहा जाता है |

रेडियोएक्टिव पदार्थ से निकलने वाली अदृश्य किरणों को ‘रेडियोएक्टिव किरणें’ कहा जाता है | ये किरणें परमाणु के अस्थिर होने के कारण उत्पन्न होती हैं |

रेडियोएक्टिविटी की घटना की सर्वप्रथम खोज ए. एच. बैकुरल ने 1886 ई. में की थी | उन्होने पाया कि फोटोग्राफिक प्लेट के प्रकाशरोधी पैकेज में होने बावजूद यूरेनियम लवण उसे प्रभावित कर रहा है| उन्होनेन यूरेनियम कि इस विशेषता को ‘रेडियोएक्टिविटी’ नाम दिया | बाद में पियरे क्यूरी और मैडम क्यूरी ने प्लूटोनियम, फ्रांसियम और रेडियम में भी रेडियोएक्टिविटी के गून का पता लगाया |

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रेडियोएक्टिव विकिरण (a) अल्फा कण ये धनात्मक आवेश युक्त हीलियन आयन हैं भेदन क्षमता (penetrating power) बेहद कम होती है कागज की एक परत द्वारा अवशोषित किए जा सकते हैं या एल्युमीनियम की चादर द्वारा रोका जा सकता है

(b) बीटा कण ये ऋणात्मक आवेश युक्त प्रकाश कण हैं भेदन क्षमता अल्फा कानों से अधिक होती है


(c) गामा किरणें ये निम्न तरंगदैर्ध्य (Wavelength), उच्च आवृत्ति (Frequency) और उच्च ऊर्जा युक्त विद्युतचुम्बकीय (Electromagnetic) विकिरण है इनकी भेदन क्षमता बहुत अधिक होती है और ये सीसे (lead) की कई सेमी. मोटी परत को भी पार कर सकती हैं

समस्थानिक समान परमाणु द्रव्यमान परंतु भिन्न परमाणु क्रमांक वाले परमाणुओं को समस्थानिक (Isotopes ) कहते हैं,

जैसे- (i) 8016, 8017, 8018 (ii) 1H1, 1H2, 1H3 समभारिक समान परमाणु क्रमांक परंतु भिन्न परमाणु द्रव्यमानों वाले परमाणुओं को समभारिक (Isobars) कहते हैं,

जैसे- (i) 18Ar40, 19K40, 20Ca40, (ii) 6C14, 7N14 समन्यूट्रानिक जिन परमाणुओं में न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती हैं उन्हें समन्यूट्रानिक (Isotone) कहते हैं,

जैसे-(i) lH3, 2He4, (ii) 4Si32 समइलेक्ट्रानिक जिन आयनों और परमाणुओं के इलेक्ट्रानिक विन्यास समान होते हैं, उन्हें समइलेक्ट्रानिक (Isoelectronic) कहा जाता है | समइलेक्ट्रानिक परमाणुओं और आयनों में इलेक्ट्रानों की संख्या समान होती है, जैसे- Ne, Na+, Mg++ आदि| श्रंखला अभिक्रिया श्रंखला अभिक्रिया एक परिघटना है जिसमें नाभिकीय विखंडन की क्रिया के दौरान मुक्त हुए न्यूट्रान पुनः परमाणुओं को विखंडित करते रहते हैं और बड़ी मात्रा में ऊर्जा को पैदा करते हैं | अर्द्ध-आयु वह समय है जिसमें रेडियोएक्टिव पदार्थ की मात्रा प्रारम्भ की तुलना में आधी रह जाती है |