भारतीय संस्कृति के प्रमुख नायक ,  leaders of Indian heritage

Updated: Sep 6, 2020

Indian Heritage and Culture leaders, Indian Heritage and Culture mcqs

संसार के सभी विद्वानों ने 'संस्कृति' शब्द की विभिन्न परिभाषाएं, व्याख्याएं की हैं। कोई सर्वमान्य परिभाषा नहीं मिल पाती फिर भी इतना तो स्पष्ट ही है कि 'संस्कृति' उन भूषणरूपी सम्यक् चेष्टाओं का नाम है जिनके द्वारा मानव समूह अपने आंतरिक और बाह्य जीवन को, अपनी शारीरिक मानसिक शक्तियों को संस्कारवान, विकसित और दृढ़ बनाता है।

भारतीय संस्कृति के प्रमुख नायक

1. अमीर खुसरो

वह अमीर खुसरो ही है जो हिंदुस्तानी तहजीब के बनने संवरने के इतिहास का पता देता है। अमीर खुसरो का वास्तविक नाम अब्दुल हसन यमीनुद्दीन था और अब्दुल हसन यमीनुद्दीन का अमीर खुसरो हो जाने में हिंदुस्तानी तहजीब के बनने और संवरने का दर्शन अन्तर्निहित भी है। इस्लामिक अद्वैतवाद में आस्था रखने वाला अब्दुल हसन यमीनुद्दीन जब भारतीय द्वैतवादी दर्शन के साथ एकाकार होता है तो विशिष्ट अद्वैतवादी अमीर खुसरो बनकर सामने आता है। दुनिया भर में प्रसिद्ध अमीर खुसरो बेशक फारसी के सर्वश्रेष्ठ साहित्यकारों में शुमार होते हों परंतु फिर भी उनकी असली पहचान हिंदुस्तानी तहजीब के एक प्रतिनिधि कवि के रूप में ही थी और यही कारण था कि ईरानियों ने उन्हें ‘तूती-ए-हिंद‘ का नाम दिया। अमीर खुसरो का जन्म 652 हिजरी अर्थात 3 मार्च 1253 ई. में पटियाली, जिला ऐटा, उत्तर प्रदेश में हुआ। हालांकि उनके जन्म कोे लेकर और कईं अन्य धारणाएं भी हैं। परंतु देश के अधिकतर विद्वानों का यही मानना है कि उनका जन्म पटियाली में हुआ और सात वर्ष की आयु में वे दिल्ली आ गये थे। इस तथ्य को अमीर खुसरो की रचनाओं से भी बल मिलता है जिसमें उन्होंने जहां एक तरफ दिल्ली की तारीफ में दरियादिली दिखाई तो वहीं पटियाली की दुर्दशा पर दुख भी जाहिर किया।

2. मोइनुद्दीन चिश्ती

मुईनुद्दीन चिश्ती (पूरा नाम 'ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्ला अलैह'; जन्म- 1141, ईरान; मृत्यु- 1230, अजमेर, राजस्थान) एक प्रसिद्ध सूफ़ी संत थे। उन्होंने 12वीं शताब्दी में अजमेर में 'चिश्तिया' परंपरा की स्थापना की थी। माना जाता है कि ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती सन 1195 ई. में मदीना से भारत आए थे। इसके बाद उन्होंने अपना समस्त जीवन अजमेर (राजस्थान) में ही लोगों के दु:ख-दर्द दूर करते हुए गुजार दिया। वे हमेशा ईश्वर से यही दुआ किया करते थे कि वह सभी भक्तों का दुख-दर्द उन्हें दे दे तथा उनके जीवन को खुशियों से भर दे।


IMPORTANT MCQS FOR EXAMS...CLICK HERE