संविधान सभा ,constituent assembly of India

Updated: Sep 6

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  • भारतीय संविधान के निर्माण हेतु संविधान सभा का विचार सर्वप्रथम 1924 ई. में स्वराज्य पार्टी ने प्रस्तुत किया था।

  • संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 में कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर किया गया था।

  • कैबिनेट मिशन के सदस्य सर स्टेनफोर्ड क्रिप्स, लार्ड पैंथिक लॉरेंस और ए.बी.एलेक्जेंडर थे।

  • संविधान सभा का चुनाव परोक्ष निर्वाचन पद्धति द्वारा किया गया था। जिसमें प्रत्येक प्रान्त के निचले सदन के सदस्यों (विधान सभा )ने इसको निर्वाचित किया था।

  • संविधान सभा के लिए कुल सदस्यों की संख्या 389 निर्धारित की गई, जिनमें 292 सदस्य ब्रिटिश प्रान्तों के प्रतिनिधि, 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि तथा 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि थे।

  • केवल हैदराबाद ऐसी देशी रियासत थी। जिसका कोई भी प्रतिनिधि संविधान सभा में शामिल नही हुआ।

  • संविधान सभा में प्रतिनिधित्व प्रान्तों और देशी रियासतों को उनकी जनसँख्या के आधार पर दिया गया। प्रत्येक 10 लाख की आबादी पर एक स्थान को निर्धारित किया गया।

  • संविधान सभा में ब्रिटिश प्रान्तों के 296 प्रतिनिधियों का विभाजन साम्प्रदायिक आधार पर किया गया- जिसमें 213 सामान्य, 79 मुस्लिम तथा 4 सिक्ख थे।

  • संविधान सभा में अ.जा. की संख्या 33 तथा महिला सदस्यों की संख्या 15 थी।

  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर,1946 को नई दिल्ली के कौंसिल चैंबर के पुस्तकालय भवन में हुई। सभा की अध्यक्षता डॉ.सच्चिदानंद सिन्हा (सबसे बुजुर्ग सदस्य) ने की जो की अस्थाई अध्यक्ष थे।

  • श्री बी. एन. राव को संविधानिक सलाहकार नियुक्त किया गया।

  • इस बैठक का बहिस्कार मुस्लिम लीग ने किया उसने पाकिस्तान के लिए अलग संविधान सभा की मांग की।

  • 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष चुने गए।

  • संविधान सभा की कारवाही 13 दिसंबर, 1946 को जवाहर लाल नेहरु के द्वारा पेश किये गए उद्देश्य प्रस्ताव के साथ शुरू हुई। जिसे 22 जनवरी 1947 को स्वीकृति प्रदान की गई और संविधान के निर्माण के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया।

  • 29 अगस्त,1947 को प्रारूप समिति का गठन किया गया। जिसके अध्यक्ष डॉ भीमराव आंबेडकर बने। इस प्रारूप समिति के सदस्यों की संख्या 7 थी।

  • डॉ. भीमराव आंबेडकर (अध्यक्ष)

  • एन.गोपाल स्वामी आयंकर

  • अल्लादी कृष्णा स्वामी अय्यर

  • कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी

  • सैय्यद मोहम्मद सादुल्ला

  • एन.माधव लाल (बी एल मित्र के स्थान पर )

  • डी.पी.खेतान (1948 में इनकी मृत्यु हो गई और टी .टी .कृष्णामचारी को सदस्य बनाया गया)

  • डा0 राधाकृष्ण संविधान सभा के प्रथम वक्ता थे।

  • प्रारूप समिति का कार्य संविधान को लिखित रूप में संविधान सभा के सामने प्रस्तुत करना था।

  • डॉ.सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थाई अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव आचार्य जे.बी.कृपलानी ने रक्खा था।

  • सैद्धांतिक तौर पर संविधान सभा का विचार सर्वप्रथम ब्रिटिश विचारक सर हेनरी मेन ने प्रस्तुत किया था।

  • संविधान निर्माण

  1. भारतीय संविधान विश्व का सबसे लम्बा लिखित संविधान है।

  2. संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष, 11 माह, तथा 18 दिन का समय लगा।

  3. भारतीय संविधान बनाने में लगभग 6400000 रूपये का खर्च आया था।

  4. प्रारूप समिति ने संविधान के प्रारूप पर विचार विमर्श करने के लिए 21 फरवरी, 1948 को संविधान सभा को अपनी रिपोर्ट पेश की।

  5. संविधान सभा में संविधान का प्रथम वाचन 4-9 नवम्बर 1948 तक, दूसरा वाचन 15 नवम्बर, 1948 से 17 अक्टूबर 1949 तक चला। सविधान सभा में संविधान का तीसरा वाचन 14 नवम्बर, 1949 से 26 नवम्बर, 1949 तक चला तथा संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया। पारित करते समय संविधान सभा में कुल 284 सदस्य उपस्थित थे।

  6. संविधान सभा में 26 नवम्बर, 1949 को संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद तथा 8 अनुसूचियां थी। जबकि वर्तमान में संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्छेद तथा 12 अनुसूचियां है।

  7. संविधान के कुल अनुच्छेदों में से 15(5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 379, 380, 388, 391, 392, 393) को 26 नवम्बर 1949 में ही लागू कर दिया गया था|जबकि शेष को 26 जनवरी 1950 में लागू किया गया।

  8. 26 नवम्बर 1949 को संविधान पारित किया गया इसे ही संविधान के ग्रहण (adopted) कहा जाता हैं।

  9. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी, 1950 को हुई जिसमे डा०.राजेन्द्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया।

  10. संविधान सभा ने 26 जनवरी 1950 से 1951-52 में होने वाले चुनाव के बाद नई संसद के निर्माण तक भारत की अंतरिम संसद के रूप में काम किया।